
डेस्क
कहां जाता है कि संकट के समय रिश्तेदारों से भी पहले पड़ोसी आता है। लेकिन कभी-कभी पड़ोसी किसी आफत से कम साबित नहीं होता। धन्नू लाल चतुर्वेदी ने सिर्फ पड़ोसी शब्द को बदनाम नहीं किया बल्कि उसने दोस्ती के रिश्ते को भी पूरी तरह कलंकित कर दिया। मंगला के दीनदयाल कॉलोनी में रहने वाले नेत्रहीन दंपत्ति भी अपने पड़ोसी अधेड़ धन्नू लाल चतुर्वेदी पर पूरा भरोसा करता था। घर में बेटी, बेटा थे और धन्नू का घर पर निर्बाध आना जाना था। कभी किसी ने सोचा भी नहीं था कि पड़ोसी और दोस्त धन्नू लाल चतुर्वेदी की नियत 12 साल की बच्ची पर बिगड़ जाएगी और बच्ची खुद उसके प्यार के झांसे में पड़ जाएगी। नेत्रहीन शिक्षक और उनकी पत्नी दुनिया भले ना देख पाते हो लेकिन पड़ोसी की बदनियति उनकी आंखों से छुपी नहीं रह सकी, इसलिए उन्होंने धन्नू को घर आने जाने से मना कर दिया। लेकिन जिस धन्नू लाल चतुर्वेदी की नियत पड़ोसी के 12 साल की बच्ची पर बिगड़ चुकी थी, उसने उसे अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसाकर अपनी शातिर इरादे को अंजाम दे ही दिया।
3 जुलाई को जब बच्ची के पिता अपने स्कूल से घर लौटे तो उन्हें बेटी कहीं दिखाई नहीं दी। पता चला कि वह डांस क्लास गई हुई है, लेकिन जब शाम 4:00 बजे तक भी बेटी वापस नहीं लौटी तो वे बेचैन होने लगे। जब डांस क्लास में पता किया गया तो डांस टीचर ने बताया कि उनकी बेटी तोबस दिन आई ही नहीं। घबराए माता पिता ने 4 जुलाई को अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आसपास पड़ोसियों से मामला पता किया। पुलिस को पता चला कि 12 साल की किशोरी शायद बिलासपुर रेलवे स्टेशन की ओर गई है। इसकी तस्दीक के लिए सिविल लाइन पुलिस ने दीनदयाल कॉलोनी से लेकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन तक करीब 150 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाला और फिर उन्हें यह पता चला कि गायब बच्ची अकेले ही 6:30 बजे के करीब बिलासपुर स्टेशन पहुंची थी। जाहिर है वह किसी के इशारे पर अपने फैसले ले रही थी। बच्ची को भगाकर ले जाने के पीछे जिस शातिर धन्नू लाल चतुर्वेदी का दिमाग काम कर रहा था उसने पुलिस को उलझाने के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाया था। फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस ने देखा कि बच्ची के रेलवे स्टेशन पहुंचने के करीब 1 घंटे बाद धन्नू लाल चतुर्वेदी वहां पहुंचा । पुलिस को भरमाने के लिए उसने इतवारी एक्सप्रेस के चार टिकट उस दिन खरीदे थे। जिसमें से दो टिकट रायपुर के और दो टिकट नागपुर के लिए थे। बच्ची को बरगला कर ले जाने वाले पड़ोसी ने खुद को उसके साथ नहीं देख लिए जाने के डर से अलग-अलग स्टेशन पहुंचने की योजना बनाई थी, लेकिन फिर भी फुट ओवर ब्रिज और इतवारी एक्सप्रेस में दोनों के एक साथ प्रवेश करने की तस्वीरें पुलिस को मिल गई। इसके बाद धन्नू लाल चतुर्वेदी की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस को सुराग मिला कि धन्नू लाल चतुर्वेदी रायपुर के टाटीबंध, चंदनी डीह, आमापारा और बुनकर कॉलोनी के आसपास दिखा है।
पुलिस को संदेह हुआ कि पड़ोसी की बेटी को ले जाकर धन्नू लाल रायपुर के इसी इलाके में कहीं छुपा कर रखा है । पुलिस को यह भी लगा कि दोनों किसी होटल में छुपे हुए हैं, इसीलिए पुलिस की टीम ने रायपुर स्टेशन के आस पास तथा टाटीबंध एरिया के लगभग 50 होटलों की जांच की, लेकिन उन्हें अपहृत बालिका की कोई जानकारी नहीं मिली । इसी बीच पुलिस को पता चला कि आरोपी का भिलाई से भी संपर्क है।उसकी तलाश में एक टीम भेजी गई लेकिन तभी किसी ने धन्नू लाल को रायपुर के चंदिनी डीह में देखा गया। इसके बाद तो पुलिस चंदिनी डीह के आसपास बालिका की फोटो दिखा दिखा कर पूछताछ करने लगी। इसी पूछताछ में अपहृत बच्ची का पता पुलिस को लगा। धन्नू लाल चतुर्वेदी ने आसपास के लोगों को बरगलाने के लिए अपहृत बालिका को अपनी बेटी बताया था और वह उसी क्षेत्र में रोजी मजदूरी करने लगा था। जब धन्नू लाल घर पर नहीं था ,उस वक्त पुलिस ने घर पहुंचकर उस बच्ची को बरामद कर लिया और पुलिस की एक टीम वहीं रुक गई । इसी दौरान शातिर धन्नू लाल चतुर्वेदी को पुलिस की गतिविधि का पता चल गया था और वह फरार हो चुका था । इसके बाद पुलिस अलग अलग टीम बनाकर उसे पागलों की तरह ढूंढ रही थी। इसी बीच भिलाई भागने की फिराक में आरोपी धन्नू लाल चतुर्वेदी पकड़ लिया गया। पता चला कि अपनी बेटी की उम्र की बालिका के साथ उसके प्रेम संबंध बन गए थे। बच्ची भी अपने पिता की उम्र के पड़ोसी के झांसे में आ गई थी और लंबे वक्त से दोनों के बीच जिस्मानी ताल्लुकात बन गए थे। बताया जा रहा है की मात्र 12 साल की बच्ची इस अवैध संबंध से गर्भवती भी हो चुकी है। लिहाजा पुलिस ने आरोपी धन्नू लाल चतुर्वेदी के खिलाफ अपहरण, बलात्कार और पोक्सो एक्ट की कार्यवाही की है। करीब 8 दिनों बाद अपहृत बालिका भले ही अपने घर पहुंच गई हो लेकिन उसकी जिंदगी में उसके ही पड़ोसी ने जो ग्रहण लगाया है उसका अंधेरा लंबे वक्त तक कायम रहेगा। वही ऐसी घटनाओं के बाद शायद ही कोई अपने पड़ोसियों पर भरोसा करें ।दोस्त की 12 साल की बेटी को शादी का प्रलोभन देकर भगाने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और 100 से अधिक होटल खंगालने के बाद धर दबोचा। इसके लिए पुलिस की 3 टीम लगातार काम करती रही।तब उन्हें कामयाबी मिली।