
आलोक

छत्तीसगढ़ में बिजली की कीमत एक बार फिर बढ़ा दी गई है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बिजली बिल हाफ करने का वादा किया गया था, इसलिए बिजली बिल में बढ़ोतरी से लोग हैरान हो रहे हैं। सरप्लस स्टेट छत्तीसगढ़ में गुरुवार से वेरिएबल चार्ज में इजाफा किया गया है। इससे बिजली के उपभोक्ताओं को अब तगड़ा झटका लगने वाला है। हालांकि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। पावर कंपनियां ही लागत मूल्य का निर्धारण हर 2 माह में करते हुए वेरिएबल चार्ज तय करती है। पहले वेरिएबल चार्ज 1 पैसे प्रति यूनिट था जिसे अब बढ़ाकर 13 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है। इस तरह प्रति यूनिट 12 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। इससे एक बार फिर बिजली बिल में इजाफा होगा। 0 से लेकर 100 यूनिट तक ₹3 40 पैसे प्रति यूनिट लिया जाएगा 100 से 200 यूनिट तक ₹3 60पैसे, 201 से 400 यूनिट तक ₹4 90 पैसे और 401 से 600 यूनिट तक ₹5 रुपये 50 पैसे के दर से बिजली बिल का निर्धारण होगा। वही 600 से अधिक यूनिट के लिए ₹7 .30 पैसे की दर से बिजली बिल देना होगा। लोग आरोप लगा रहे हैं कि सरकार अपने वादों से मुकर रही है और बिजली बिल हाफ करने की जगह अब बिजली बिल में बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन असल में यह बढ़ोतरी बिजली बिल में ना होकर वेरिएबल चार्ज के रूप में की जा रही है, जिसका निर्धारण पावर कंपनियां करती है लेकिन इस वजह से बिजली उपभोक्ताओं का आने वाला बिल बढ़ कर आएगा।
