
आकाश मिश्रा

अंतागढ़ मामले में पिछले दिनों मंतूराम के इकबालिया बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नए सिरे से उबाल आ गया है । इसके बाद जहां मंतूराम को भारतीय जनता पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया गया वहीं कांग्रेस को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा हाथ लग गया। जिसे अब भुनाने में वह कोई कसर नहीं छोड़ रही। शुरू से ही कांग्रेस अंतागढ़ मामले को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और डॉक्टर रमन सिंह की साजिश करार देती रही है जिसमें राजेश मूणत, डॉ रमन सिंह के दामाद और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी कांग्रेस ने हमेशा लगाए हैं । लेकिन पिछले दिनों मंतूराम के इकबालिया बयान के बाद जगह-जगह डॉ रमन सिंह और अजीत जोगी के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है ।इसी सिलसिले में रविवार को अंतागढ़ उपचुनाव में साजिश करने के मुख्य आरोपी अजीत सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह का प्रदेश भर में पुतला दहन किया गया। इसी कड़ी में मुंगेली में पड़ाव चौक मे विरोध प्रदर्शन किया गया। यहां पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और अजीत जोगी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और दोनों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की गई। चुनाव में षड्यंत्र रचने और मनी पावर के दम पर इस तरह की साजिश रचने के आरोप लगाते हुए दोनों के पुतले फूंके गए । इस दौरान आत्मा सिंह क्षत्रिय अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी अरविंद वैष्णव दिलीप बंजारे कौशल सिंह क्षत्रिय संजय यादव एजाज खोखर असलम खान रेखचंद कोसरे विनय चोपड़ा सोम वर्मा राजेश छेदईया रोहित शुक्ला जीतू श्रीवास्तव राहुल रूपवानी लक्ष्मी गुप्ता सूरज यादव लक्ष्मी भास्कर सूरज मंगलानी राजा मलिक असद खान गौरव जैन टीपू खान याकूब खान उपस्थित रहे ।