
रमेश राजपूत
बिलासपुर– राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह ने बिलासपुर जिले में शासन की महत्वाकांक्षी योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना एवं सुराजी योजना का अवलोकन किया और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन दिया।
इस दौरान अजय सिंह चिंगराजपारा बिलासपुर के सामुदायिक भवन में चल रहे मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के शिविर में पहुंचे। उन्होंने वहां उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों व मरीजों से शिविर से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि शिविर में ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, सिकलसेल, मलेरिया और हेपेटाइटिस की जांच होती है। उन्होंने मरीजों से बातचीत की जिन्होंने बताया कि उन्हें घर के पास चिकित्सा सुविधा मिलने से समय की बचत हो रही है। उन्होंने वहां उपस्थित मितानिनों से शिविर को अधिक उपयोगी बनाने के लिए सुझाव देने कहा। श्री सिंह ने शिविर में आने वाले बच्चों की संख्या और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। शिविर के रजिस्टर का भी उन्होंने अवलोकन किया। चिंगराजपारा के इस शिविर में लगभग 325 मरीजों ने अपना इलाज कराया।
आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
इस दौरान श्री सिंह ने लखराम स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 6 का जायजा लिया । मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कुपोषित एवं एनीमिया पीड़ित बच्चों और महिलाओं को सुपोषित करने के लिए दिये जा रहे आहार की जानकारी उन्होंने यहां पर ली। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को आंगनबाड़ी में गर्म भोजन दिया जा रहा है। गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त आहार के रूप में पौष्टिक लड्डू दिये जा रहे हैं। साथ ही रेडी टू ईट आहार भी महिलाओं और बच्चों को दिये जा रहे हैं। अधिकारियों ने श्री सिंह को बताया कि बच्चे आंगनबाड़ी आने के लिए उत्साहित रहते हैं क्योंकि उन्हें यहां पौष्टिक आहार के अलावा खेलकूद एवं मनोरंजन की सुविधा मिलती है।
नरवा, गरुवा, घुरवा, बारी का भी लिया जायजा
राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष ने इसके बाद अकलतरी ग्राम में नरवा, गुरुवा, घुरुवा, बारी योजना के अंतर्गत निर्मित गौठान का अवलोकन किया। गौठानों में गतिविधि संचालन के लिए गांव के युवाओं की टोली तैयार की गई है। इन्होंने गौठानों में विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण लिया है। इन युवाओं ने बताया कि सात एकड़ के गौठान में फुलवारी, बाड़ी, नाडेप टांका, वर्मी टांका बनाया जा रहा है। युवाओं के लिए यहां पर एक खेल मैदान भी विकसित किया गया है। श्री सिंह को बताया गया कि गौठान जिस जगह पर बनाया गया है वहां पर पहले बेजा-कब्जा था, जिसे हटाया गया। युवाओं ने बताया कि वे गोबर से गमला, दीया, वर्मी कम्पोस्ट आदि बनायेंगे, इस पर श्री सिंह ने सुझाव दिया कि गांव वालों की जरूरत के हिसाब से सामग्री तैयार की जाये। इन गतिविधियों में महिलाएं भी शामिल रहेंगी।
ग्राम अकलतरी में ही श्री सिंह स्व-सहायता समूहों के एक प्रशिक्षण केन्द्र में भी गये। यहां पर दस महिलाएं फेंसिंग तार बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। श्री सिंह ने कहा कि जो सामान बना रहे हैं वे गुणवत्तापूर्ण हो तथा दाम सही हो ताकि ये सामान आसानी से बिक सके।