
ठा प्रेम सोमवंशी

बिलासपुर – जिले के तख़तपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम गनियारी में संचालित जनस्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्राम पंचायत नेवरा की रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पेट मे तीन कॉटन पट्टी छोड़ देने से महिला दस महीने से परेशान थी।जगह जगह इलाज कराने पर भी लाभ नही मिलने से अंत मे बिलासपुर के एक निजी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराकर पट्टियों को निकाला गया है।अभी भी महिला की हालत ठीक नही है। गनियारी में संचालित जन स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

गनियारी के पास ही नेवरा पंचायत की रहने वाली कीर्ति गेंदले जन स्वास्थ्य केंद्र में दस महीने पहले डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी।13 जुलाई 2020 को उसका आपरेशन करके बच्चा निकाला गया।लेकिन इसी दौरान लापरवाही पूर्वक उसके पेट मे तीन कॉटन की पट्टियां छोडक़र पेट की सिलाई कर दी गयी और तीन दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी।घर जाने के बाद भी उसका रक्तस्राव नही रुक रहा था।तो बार बार जन स्वास्थ्य केंद्र में दिखाने के बार दवाई देकर विदा कर दिया गया ।18 अगस्त 2020 के एक बार फिर महिला इलाज करवाने पहुची तो धुलाई किया गया महिला को मगर कोई राहत नही मिली।परीजन उसे लगातार जन स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराते रहे इस बीच महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी और रक्त स्राव रुक नही रह था।अप्रैल में जन स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिये और कही और से इलाज कराने के लिए कह दिया गया।परिजनों ने उसका पथरिया और सकरी के हॉस्पिटल में इलाज कराया मगर महिला की हालात में कोई सुधार नही हो रहा था। जिसके बाद बिलासपुर में डॉ श्वेता अग्रवाल को दिखाया।श्वेता अग्रवाल ने बताया कि सोनोग्राफी में महिला के पेट मे कुछ दिखाई दे रहा है,लेकिन क्या है स्पष्ट नही हो रहा है।

सिटी स्कैन कराने पर पता चला कि गर्भाशय के पास कॉटन पट्टी जैसी कोई चीज है जो शरीर का अंग नही है।डॉ. श्वेता अग्रवाल ने जब आपरेशन किया तो जनस्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की लापरवाही सामने आ गयी महिला के पेट मे तीन कॉटन पट्टी आपरेशन के समय पेट मे ही छोड़ दिया गया था।इसकी जानकारी शायद जनस्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों को भी नही थी और वे भी महिला के लगातार रक्तस्राव का कारण नही समझ पा रहे थे।जब जनस्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की लापरवाही महिला के परिजनों को पता चला तो महिला के ससुर चंद्रिका प्रसाद लहरे ने कोटा थाना में शिकायती आवेदन दिया है और इस लापरवाही में कार्यवाही की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रमोद महाजन से जब इस विषय मे पूछा गया तो उनका कहना था कि यदि ब्लीडिंग नही रुक रही थी तो सोनोग्राफी कराना था। लंबे समय तक ब्लीडिंग होने के बाद भी सोनोग्राफी के लिए नही कहना लापरवाही है। अभी हमारे पास कोई शिकायत नही मिली है। यदि शिकायत आती है तो जांच कर कार्यवाही करेंगे। वही थाना प्रभारी सनिप रात्रे का कहना है कि महिला के ससुर ने आज थाने में शिकायत का आवेदन दिया है। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद जांच कर कार्यवाही की जाएगी।