
रमेश राजपूत
बिलासपुर – कहते है एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है ठीक इसी तरह पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने का एक मामला सामने आया है, जिसमें कार की टक्कर से घायल ट्रांसपोर्टर से आरक्षक ने 50 हजार रुपए वसूल लिया। मामला सामने आने के बाद एसएसपी ने आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।

बताया जा रहा है कि थर्टी फर्स्ट की रात ट्रांसपोर्टर खाना खाने के लिए ढाबा जा रहा था। तभी सामने रांग साइड से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे घायल हो गए। इस हादसे के बाद वहां पहुंचे आरक्षक ने ड्राइवर के मोबाइल पर 50 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से ले लिया और दूसरे दिन 30 हजार रुपए की और डिमांड करने लगा। टीआई का कहना है कि इस मामले में किसी तरह की शिकायत नहीं हुई है। फिर भी आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है। पूरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के पाली निवासी राजेश देवनाथ ट्रांसपोर्टर हैं, 31 दिसंबर की रात वे पार्टी मनाने के लिए बिलासपुर आए थे। यहां 36 मॉल स्थित तंत्रा बार में देर रात पार्टी मनाने के बाद वे खाना खाने के लिए चकरभाठा स्थित काली ढाबा जा रहे थे। राजेश देवनाथ अपनी कार में सवार थे। रात करीब दो बजे सामने से रांग साइड से आ रही कार ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे उनका दोनों पैर फ्रेक्चर हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही चकरभाठा थाने के पेट्रोलिंग टीम के आरक्षक चंद्रकांत निर्मलकर और ड्राइवर सुमनदास मानिकपुरी वहां पहुंच गए। उन्होंने राजेश देवनाथ और उनके साथ बैठी एक 10 साल की छोटी बच्ची को मुलाहिजा कराने के लिए अस्पताल ले गए,

जहां आरक्षक चंद्रकांत ने उससे पैसों की डिमांड की और ड्राइवर सुमनदास के मोबाइल पर 50 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से वसूल लिया। इसके बाद दूसरे दिन सुबह ड्राइवर सुमनदास ने उन्हें फोन कर 30 हजार रुपए और देने की मांग की। दूसरे दिन इस घटना की जानकारी ट्रांसपोर्टर राजेश देवनाथ के दोस्त और भाजपा नेता अभिषेक चौबे को हुई। उस समय वे हास्पिटल में थे। तभी उनके मोबाइल पर ड्राइवर सुमनदास ने कॉल किया और 30 हजार रुपए और देने की मांग की। इसकी जानकारी होने पर भाजपा नेता अभिषेक चौबे चकरभाठा थाने पहुंचे और टीआई भारती मरकाम को पूरी घटना की जानकारी दी।

उन्होंने एसएसपी पारूल माथुर को इस मामले की जानकारी दी। मामला सामने आने के बाद एसएसपी माथुर ने आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। वही, इस पूरे मामले में टीआई भारती मरकाम ने बताया कि मामला सामने आने के बाद आरक्षक चंद्रकांत से ट्रांसपोर्टर को पैसे वापस करा दिया गया है। फिलहाल, ट्रांसपोर्टर और उसके दोस्त ने किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही है और लिखित में आवेदनपत्र भी प्रस्तुत किया है।