
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिल के नगर निगम परिक्षेत्र से लगे हुए सरकारी जमीन और रास्ते पर कथित कब्जे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जिसको लेकर एक अधिवक्ता द्वारा संभागीय आयुक्त को दिए गए आवेदन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने, करोड़ों के लेन-देन और सीमांकन प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में अधिवक्ता ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल , पुलिस महानिदेशक सहित बिलासपुर संभाग आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि ग्राम लगरा (खसरा नं. 556/1) की जमीन को लेकर कुछ लोगों पर वर्ष 2008 की रजिस्ट्री को कथित रूप से फर्जी तरीके से तैयार कर सरकारी भूमि और रास्ते पर कब्जा करने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि मूल भूमि के स्थान पर काल्पनिक व्यक्ति के नाम का सहारा लेकर रास्ते को मेन रोड में तब्दील कर दिया गया और मौके पर अवैध कब्जा कर लिया गया। सूत्रों की माने तो मामले में करीब 2.56 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का भी उल्लेख किया गया है, जिसकी शिकायत ईडी और आयकर विभाग तक पहुंच चुकी है और जांच जारी होने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी आरोप है कि 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित सीमांकन के जरिए इस कथित फर्जीवाड़े को वैध रूप देने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सीमांकन पर तत्काल रोक (स्टे) लगाने की मांग की गई है, ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके। आवेदन में प्रशासन से मांग की गई है कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, वही संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल हो और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, सीमांकन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने की अपील भी की गई है। इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। ऐसे में शासकीय अफसरों द्वारा मामले में क्या उचित कदम उठाए जाते है। इसपर सभी की निगाहें टिकी हुई है।