बिलासपुर

छत्तीसगढ़ में खतरनाक ड्रग्स की घुसपैठ: ट्रेनों के माध्यम से फैल रहा एमडीएमए का जाल

रमेश राजपूत

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थ एमडीएमए (मेथीलीन डायऑक्सी मेथामफेटामीन) की तस्करी अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। हाल ही में बिलासपुर पुलिस द्वारा की गई सघन कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अब यह खतरनाक ड्रग राज्य में आसानी से पहुंचने लगा है और इसका नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। बिलासपुर पुलिस ने विगत तीन दिनों में ड्रग्स तस्करी के तीन अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। पुलिस द्वारा जब्त की गई करीब 15 ग्राम एमडीएमए से यह भी संकेत मिलता है कि यह सिंथेटिक पार्टी ड्रग अब छोटे शहरों में भी अपना पैर पसार रहा है।

इस कार्रवाई में पुलिस ने ट्रेनों के माध्यम से की जा रही ड्रग्स तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। दिल्ली से उत्कल एक्सप्रेस व संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जरिए ड्रग्स लाए जा रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे पार्सल सेवा व व्यक्तिगत संपर्कों के माध्यम से ड्रग्स का आदान-प्रदान कर रहे थे। दिल्ली जैसे महानगरों से सप्लायर्स के ज़रिए नशीले पदार्थ प्रदेश में भेजे जा रहे थे और स्थानीय युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना दिल्ली का निवासी शुभम है, जिसे अन्य तीन साथियों सहित रतनपुर के पास पकड़ा गया। वहीं, हरियाणा निवासी प्रदीप कुमार व राजस्थान निवासी विवेक कुमार भी अलग-अलग ट्रेनों के जरिए एमडीएमए लेकर आते समय पकड़े गए। थाना सिविल लाइन, रतनपुर थाना एवं एसीसीयू टीम द्वारा इस संयुक्त अभियान को अंजाम दिया गया। यह कार्रवाई जहां एक ओर पुलिस की सतर्कता और कुशल नेतृत्व का उदाहरण है, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाती है कि ड्रग्स का व्यापार अब छोटे शहरों तक आसानी से पहुंच चुका है। एमडीएमए जैसे खतरनाक रसायनों का प्रयोग युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है और अंतरराज्यीय नेटवर्क को जड़ से खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाने में लगी है और तकनीकी संसाधनों की सहायता से पूरे सिंडिकेट को उजागर करने की दिशा में कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश में ड्रग्स की यह घुसपैठ निश्चित ही समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी है। इससे निपटने के लिए न केवल पुलिस को, बल्कि समाज को भी सजग रहना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी इस जहर से बच सके।

गिरफ्तार आरोपी –

1. प्रदीप कुमार, पिता – राजेन्द्र सिंह, निवासी – सोनीपत, हरियाणा
2. शुभम दत्त, पिता – संजय दत्त, निवासी – दिल्ली
3. सुमित कुमार, पिता – राजेन्द्र कुमार, निवासी – दिल्ली
4. रितेश शर्मा, पिता – बाबूलाल शर्मा, निवासी – जयराम नगर, मस्तूरी (छत्तीसगढ़)
5. राजू सिंह, पिता – रंजीत सिंह, निवासी – इंदु इमेजिका कॉलोनी, चकरभाठा (छत्तीसगढ़)
6. विवेक कुमार, पिता – सुरेश कुमार, निवासी – जिला करौली, राजस्थान

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