
जिस शहर में यह लोग अपना खौफ जमाना चाहते हैं, उसी शहर में इनका तमाशा खुद ब खुद बन गया

सत्याग्रह डेस्क
मंगलवार रात को आईजी बंगले के ठीक पीछे 10 से 15 युवकों द्वारा कार हटाने के मामूली विवाद में घर में घुसकर प्रभु कश्यप और उनके भतीजे अमित कश्यप के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्यवाही की है और 24 घंटे के भीतर छह बलवाइयों को पकड़ने में पुलिस सफल रही है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान इस घटना के बाद लगने लगे थे और पुलिस की छवि पर भी बन आई थी ,क्योंकि मामला ठीक आईजी के बंगले के पीछे घटा था। जहां मौजूद सहगल नर्सिंग होम में आए कुछ युवक सड़क पर अपनी कार खड़ी कर रास्ता रोके हुए थे , जिन्हें कार हटाने के लिए कहने पर वे मारपीट पर उतारू हो गए। बताया जा रहा है कि सहगल नर्सिंग होम में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, इसलिए अक्सर यहां इस तरह की घटना होती है । जिस वजह से इस गली में रहने वाले लोग परेशान हैं। मंगलवार शाम को यहां रहने वाले नंद कुमार कश्यप अपनी पत्नी के साथ कार में पहुंचे। जिन्होंने युवकों को सड़क से कार हटाने को कहा जिसके बाद उन्होंने अपने कुछ साथियों को बुला लिया और घर में घुसकर नंद कुमार कश्यप और उनके भतीजे अमित कश्यप के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं उनकी कार में तोड़फोड़ भी कर डाली। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए ओम नगर में रहने वाले शोएब नियाजी, नारियल कोठी में रहने वाले बंटी सिंह, ओम नगर के सोहेल अहमद, मगरपारा में में रहने वाले राहुल रजक, नारियल कोठी के अजहर उर्फ अकरम खान और नारियल कोठी के ही अमन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है ।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है शायद इसलिए कि घटना आई जी के निवास के करीब हुई थी । संजोग से इस बार इन अपराधियों का शहर में जुलूस निकल गया। दरअसल पुलिस जिस गाड़ी में इन्हें लेकर कोर्ट जा रही थी, वह गाड़ी एसपी के बंगले के सामने खराब हो गई । जिसके बाद सभी छह आरोपियों को पुलिस पैदल लेकर कोर्ट पहुंची। रास्ते भर लोगों ने इनका तमाशा देखा । ऐसे अपराधियों के साथ कुदरत भी कई बार इंसाफ करती है । इसे ही प्रकृति का न्याय कहते हैं। पुलिस की गाड़ी का यू खराब होना केवल संजोग है ।असल में इन्हें इनके किए की सही सजा मिल गई है। जिस शहर में यह लोग अपना खौफ जमाना चाहते हैं, उसी शहर में इनका तमाशा खुद ब खुद बन गया।