
उदय सिंह
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी मल्हार एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में मल्हार का उल्लेख करते हुए यहां हाल ही में प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की चर्चा की। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से मल्हार का नाम लिए जाने के बाद पूरे बिलासपुर जिले सहित मल्हारवासियों में खुशी और गर्व का माहौल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करता है, तो वह केवल उस स्थान का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान और गौरव को नई ऊंचाई देता है। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत मल्हार में मिली दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का विशेष उल्लेख किया। लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन के समय से जुड़ी बताई जा रही हैं।

प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में अंकित ये अभिलेख उस दौर की शासन व्यवस्था, सामाजिक जीवन, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। पुरातत्व और इतिहास के दृष्टिकोण से मल्हार पहले से ही देश के महत्वपूर्ण प्राचीन नगरों में गिना जाता है। यहां स्थित प्राचीन मंदिर, मूर्तियां, शिलालेख और पुरातात्विक अवशेष छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सभ्यता के साक्षी हैं। अब प्रधानमंत्री के उल्लेख के बाद मल्हार को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देशभर के इतिहास प्रेमियों व शोधकर्ताओं का ध्यान इस प्राचीन नगरी की ओर आकर्षित होगा।

मल्हारवासियों ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके एक उल्लेख ने वर्षों पुरानी ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान दिलाई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह केवल मल्हार ही नहीं, बल्कि पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान की बात है। इससे नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति, इतिहास और विरासत को जानने तथा उसके संरक्षण के प्रति प्रेरित होगी। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में मल्हार का जिक्र किया जाना इस बात का प्रमाण है कि भारत का गौरवशाली अतीत आज भी देश की पहचान का महत्वपूर्ण आधार है।

जशपुर के युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि और मल्हार की ऐतिहासिक विरासत का एक साथ उल्लेख कर प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि नया भारत अपनी प्रतिभाओं और अपनी संस्कृति, दोनों को समान सम्मान देता है। यही कारण है कि आज बिलासपुर सहित पूरा मल्हार क्षेत्र स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।