
रमेश राजपूत
रायगढ़ – निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विश्वजीत देवनाथ को जांजगीर-चांपा से पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा ने 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताते हुए निवेश पर प्रतिमाह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का झांसा दिया था। भरोसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर 12 लाख रुपये निवेश कर दिए थे। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किया गया, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और कई अन्य लोग भी उसके झांसे में आ गए। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 13 से अधिक निवेशकों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये निवेश के नाम पर लिए थे। इनमें विकास साहू, राकेश मनहर, रितेश साव सहित कई अन्य लोग शामिल हैं।
बाद में निवेशकों को संदेह हुआ कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और अन्य दस्तावेज आरोपी द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाने में भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज है।कोतवाली पुलिस ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने लोगों से निवेश राशि लेकर शेयर बाजार में लगाने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि मई 2025 के बाद शेयर बाजार में नुकसान होने के कारण वह निवेशकों की रकम वापस नहीं कर सका। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में निवेश करने से पहले योजना और दस्तावेजों की जांच जरूर करें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।