
उदय सिंह
बिलासपुर – ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर अब अलग-अलग नहीं, बल्कि एक समन्वित विकास मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने दोनों ऐतिहासिक नगरों के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की योजना बनाते समय केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाए। जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में श्री साव ने मल्हार और रतनपुर की ऐतिहासिक पहचान को पर्यटन की संभावनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दोनों स्थानों की विरासत, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व, पर्यटन क्षमता, यातायात, मूलभूत सुविधाओं और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखकर समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे दोनों ऐतिहासिक नगरों को पर्यटन के लिहाज से नई पहचान मिलने की उम्मीद है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बिल्हा के बरतोरी-मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे लगाए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए। दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक से अनुपस्थित चार अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगरपालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बारिश ने दिखाई समस्या, अब स्थायी समाधान की तैयारी
बिलासपुर शहर में पहली बारिश में हुए जलभराव को लेकर श्री साव ने अधिकारियों को अभी से ठोस कार्ययोजना बनाने कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जलभराव का ऐसा स्थायी समाधान निकाला जाए, जिससे आने वाले वर्षों में लोगों को परेशानी न हो। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए भी अभी से तैयारी रखने और बारिश खत्म होते ही काम शुरू करने के निर्देश दिए गए।गांवों में मलेरिया पर निगरानी मौसमी बीमारियों की समीक्षा में कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिलने की जानकारी दी गई। इनमें छह मरीज उपचाररत हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रोटरी क्लब के सहयोग से 1500 मच्छरदानियां वितरित की जा रही हैं। श्री साव ने गांव स्तर तक निगरानी और मितानिनों के पास आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
धान खरीदी से पहले एग्रीस्टैक पंजीयन पर जोर
कृषि विभाग ने बताया कि पर्याप्त बारिश के कारण फसलों की स्थिति अच्छी है और खाद-बीज की भी पर्याप्त उपलब्धता है। श्री साव ने धान खरीदी के लिए किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन को अनिवार्य बताते हुए गांव-गांव शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीयन के अभाव में कोई किसान धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए।बैठक में वीबी-जी रामजी योजना के तहत स्थानीय जरूरतों के आधार पर काम स्वीकृत करने, जल संरक्षण, मुक्तिधाम, स्कूल मरम्मत और छोटे बांध जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। जल जीवन मिशन की समीक्षा में बताया गया कि जिले की 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 पूर्ण हो चुकी हैं और 219 ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। श्री साव ने इनके संचालन और रखरखाव में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।