
रमेश राजपूत
बिलासपुर – आय से अधिक संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने जीआरपी के बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट बिलासपुर की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया है। एसीबी की जांच में आरक्षक की आय की तुलना में उसका खर्च करीब 16.19 लाख रुपये अधिक पाया गया है। आरोपी फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मामले में बिलासपुर जेल में बंद है। एसीबी के अनुसार संतोष कुमार राठौर, आरक्षक क्रमांक 462, के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की जानकारी मिलने पर अपराध क्रमांक 57/2024 दर्ज किया गया था। मामले में पीसी एक्ट 1988 की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत जांच शुरू की गई। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित आरोपी के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की गई।विवेचना के दौरान एसीबी ने आरोपी की आय और व्यय से संबंधित दस्तावेज व अन्य साक्ष्य जुटाए। जांच में आरोपी की कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपये, जबकि कुल व्यय 62 लाख 28 हजार 137 रुपये पाया गया। इस तरह आरोपी की आय की तुलना में उसका व्यय 16 लाख 19 हजार 796 रुपये अधिक पाया गया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का अपराध प्रमाणित मानते हुए अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की और सोमवार को न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
गांजा तस्करी के आरोप में पहले से जेल में है राठौर
संतोष राठौर के खिलाफ जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान ट्रेन में गांजा तस्करों से अवैध वसूली का भी गंभीर आरोप लगा था। आरोप था कि वह अन्य आरक्षकों के साथ गांजा तस्करों को पकड़कर गांजा अपने पास रख लेते थे और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के एवज में उनसे पैसे वसूलकर आपस में बांट लेते थे। इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 117/2024, धारा 20बी और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था। बाद में मामले की विवेचना एसीसीयू बिलासपुर को सौंपी गई। जांच के बाद एसीसीयू ने आरोपी के खिलाफ चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर की अदालत में पेश किया। इसी मामले में आपराधिक आचरण के चलते पुलिस अधीक्षक रेल छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को संतोष राठौर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी एसीबी ने उसके खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश कर दिया है।