
बिलासपुर – फेसबुक पर दवाई का विज्ञापन देखकर ऑनलाइन ऑर्डर करना सरकारी शराब दुकान के मैनेजर को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने पार्सल दोबारा भेजने के नाम पर उनके मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करवाई और इसके बाद दो दिनों में 15 बार ट्रांजेक्शन कर बैंक खाते से 1 लाख 12 हजार 579 रुपये निकाल लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। अब सरकंडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द अटल आवास के पास रहने वाले चोखे लाल वर्मा लिंगियाडीह शराब दुकान में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को फेसबुक पर दवाई का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने ऑनलाइन ऑर्डर किया था। भुगतान के लिए कंपनी की ओर से बार कोड भेजा गया, जिसके जरिए उन्होंने एक हजार रुपये का भुगतान किया। इसके बाद पार्सल उनके पते पर पहुंचा, लेकिन रिसीव नहीं कर पाने के कारण डिलीवरी ब्वाय उसे वापस ले गया। डिलीवरी ब्वाय से संपर्क करने पर कंपनी से बात करने को कहा गया। कंपनी के नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने पार्सल दोबारा मंगाने के लिए मोबाइल से सिर्फ दो रुपये का भुगतान करने को कहा। पीड़ित ने दो रुपये का भुगतान किया, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल हो गया। कई बार प्रयास के बाद भी भुगतान सफल नहीं हुआ। इसी दौरान 13 अगस्त को शराब दुकान में ड्यूटी के दौरान उनके साथी ने सामान वापस मंगाने के लिए उनके मोबाइल में ऑनलाइन माध्यम से एक एपीके फाइल डाउनलोड कर दी। फाइल डाउनलोड होने के कुछ ही देर बाद बैंक खाते से रकम कटने लगी। 13 अगस्त को 98 हजार 259 रुपये और 14 अगस्त को 14 हजार 320 रुपये निकाले गए। कुल 15 ट्रांजेक्शन में 1 लाख 12 हजार 579 रुपये की ठगी हुई। लगातार रकम कटने पर पीड़ित को साइबर ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अब ट्रांजेक्शन और एपीके फाइल के जरिए ठगी करने वालों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबर, लिंक या सोशल मीडिया के जरिए भेजी गई एपीके फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टाल न करें। ऑनलाइन खरीदारी, रिफंड या डिलीवरी के नाम पर कोई ऐप डाउनलोड करने या स्क्रीन शेयर करने को कहे तो सतर्क रहें। बैंक खाते से अनधिकृत राशि निकलने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और बैंक को भी सूचना दें।