
उदय सिंह
बिलासपुर – रतनपुर क्षेत्र के ग्राम सेमरा भरारी में शुक्रवार को तालाब में नहाने गई 10 वर्षीय बच्ची गहरे पानी में चली गई। पोती को डूबता देख उसकी दादी ने बिना अपनी जान की परवाह किए तालाब में छलांग लगा दी। आसपास के ग्रामीणों की मदद से बच्ची को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। फिलहाल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सेमरा भरारी निवासी प्रमोद खरे रोजी-मजदूरी करते हैं। उनकी 10 वर्षीय बेटी काव्या खरे शुक्रवार को अपनी छोटी बहन मायरा खरे के साथ तालाब में नहाने गई थी। दोनों बहनें तालाब के पास थीं। इसी दौरान अचानक काव्या का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में जा गिरी।

काव्या को पानी में डूबता देखकर उसकी छोटी बहन मायरा घबरा गई और शोर मचाकर मदद के लिए अपनी दादी गायत्री खरे को बुलाने लगी। बच्चियों का घर तालाब के पास ही है। आवाज सुनते ही गायत्री तत्काल तालाब की ओर दौड़ीं। पोती को पानी में डूबता देखकर उन्होंने बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी और उसकी तलाश शुरू कर दी। साथ ही उन्होंने आसपास के लोगों को भी मदद के लिए पुकारा। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तालाब में बच्ची की तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद काव्या को पानी से बाहर निकाला गया। उस समय उसकी हालत गंभीर थी। परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे सिम्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। समय रहते बच्ची को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बच गई। फिलहाल काव्या डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।