
उदय सिंह
बिलासपुर – सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक नगर में प्रेम विवाह के महज छह महीने बाद नवविवाहिता की फांसी से मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए घटना को आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया है। परिजनों का दावा है कि जब वे ससुराल पहुंचे तो कमरे में खून के निशान मिले। उनका यह भी कहना है कि मृतका ने पहले फोन पर ससुराल में प्रताड़ना और घरेलू हिंसा की शिकायत की थी। आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच और सभी पहलुओं से पड़ताल शुरू कर दी है। सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के अनुसार अशोक नगर स्थित व्हाइट बिल्डिंग निवासी अय्यूब खान ड्राइवर हैं। उनका बेटा फरहान खान कार शोरूम में काम करता है। फरहान ने अप्रैल में गौरेला निवासी रोजी खान से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों अय्यूब खान के साथ अशोक नगर स्थित मकान में रह रहे थे। बताया गया कि गुरुवार को फरहान लुतरा में आयोजित उर्स में शामिल होने गया था।

वह रातभर घर नहीं लौटा और शुक्रवार सुबह वापस आया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। इसके बाद फरहान ड्यूटी पर चला गया। इसी दौरान करीब 11 बजे अय्यूब की पत्नी ने रोजी के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद देखा। कुछ देर बाद कमरे में झांकने पर रोजी फांसी के फंदे पर लटकी दिखाई दी। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाकर रोजी को नीचे उतारा गया और तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे सिम्स रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची सरकंडा पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मायके वालों के आरोप से बढ़ा मामला
रोजी के परिजनों का आरोप है कि उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि रोजी ने पूर्व में फोन पर घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की जानकारी दी थी। परिजनों के अनुसार ससुराल पहुंचने पर कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, जिससे उन्हें मौत की परिस्थितियों पर संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मायके पक्ष के बयान दर्ज करने के साथ घटना स्थल और परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। कमरे से मिले कथित खून के निशान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन और मृतका द्वारा पूर्व में की गई शिकायतों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रोजी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी। मामले ने प्रेम विवाह के छह महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।