
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेने के कथित मामले में जांजगीर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की पहचान जितेंद्र बघेल और बैजनाथ बघेल, दोनों निवासी जांजगीर, के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जितेंद्र बघेल ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाते हुए स्वयं को ग्राम मसान निवासी फूल सिंह कंवर का पुत्र बताया। आरोप है कि इसके आधार पर कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर तहसील जांजगीर से जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जितेंद्र बघेल ने जिला अंत्यावसायी विभाग में शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए बैंक से किसी प्रकार का ऋण नहीं लेने की जानकारी दी थी। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, जितेंद्र ने पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लिया था। वहीं, अंत्यावसायी सहकारी समिति से ऋण लेने के दौरान बैजनाथ बघेल को जमानतदार बनाए जाने की बात भी सामने आई है।शिकायत में बैजनाथ बघेल को जितेंद्र बघेल का जैविक पिता बताया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर प्रमाण पत्रों की वैधता और प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 34 के तहत मामला दर्ज कर फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना में जुट गई है।