
रमेश राजपूत
बिलासपुर – ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने सिम्स अस्पताल में पदस्थ एक डेंटल सर्जन को अपना शिकार बना लिया। आरोपियों ने कॉपी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश पर भारी लाभ का झांसा देकर डॉक्टर से अलग-अलग किश्तों में 6 लाख 88 हजार 910 रुपये जमा करा लिए। इतना ही नहीं, ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 14 लाख रुपये का मुनाफा दिखाकर भरोसा भी दिलाया। जब डॉक्टर ने अपनी रकम और मुनाफे में से 3 लाख रुपये निकालने की कोशिश की, तो उनकी रिक्वेस्ट होल्ड कर दी गई। इसके बाद ट्रेडिंग में 16 लाख रुपये का नुकसान दिखाया गया और उसे पूरा करने के लिए दोबारा फंड जमा करने का दबाव बनाया गया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने रेंज साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोस्त की सलाह पर शुरू किया निवेश
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, प्रकाश खरे 45 वर्ष मूलतः बेमेतरा जिले के साजा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में वह बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल परिसर के एसआर हॉस्टल में रहते हैं और सिम्स में डेंटल सर्जन के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनके परिचित डॉ. भोले प्रसाद ने उन्हें एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉपी ट्रेडिंग कर अच्छी कमाई होने की जानकारी दी थी। इसके बाद 29 सितंबर 2026 को एक मोबाइल नंबर से उन्हें व्हाट्सऐप संदेश मिला। आरोप है कि तनीषा वर्मा नाम की महिला ने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उनकी आईडी बनवाई और उसे मेटाट्रेडर-5 से लिंक कराया। वहीं, कार्तिक नाम के व्यक्ति ने ट्रेडिंग में मुनाफा होने का भरोसा दिलाते हुए लगातार निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
13 किश्तों में जमा कराए रुपये
शिकायत के मुताबिक, 30 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से कुल 13 किश्तों में 6,88,910 रुपये जमा किए। इनमें नितेश कुमार, मोहम्मद निशार अकरम, सर्वेश कुमार और नरेश चौधरी के नाम से जुड़े भुगतान माध्यम शामिल बताए गए हैं।
रकम निकालने की बारी आई तो दिखाया नुकसान
आरोप है कि ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 14 लाख रुपये का मुनाफा दिखने के बाद डॉक्टर ने उसमें से 3 लाख रुपये निकालने का अनुरोध किया। लेकिन रकम निकालने के बजाय रिक्वेस्ट होल्ड कर दी गई और आगे ट्रेडिंग के दौरान 16 लाख रुपये का नुकसान दिखा दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर नुकसान की भरपाई के लिए और रकम जमा करने को कहा। इसी दौरान पीड़ित को ऑनलाइन ठगी का संदेह हुआ। डॉक्टर ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई है। रेंज साइबर थाना पुलिस ने तनीषा वर्मा और कार्तिक से जुड़े मोबाइल नंबरों के आधार पर अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।