
उदय सिंह
रायपुर– छत्तीसगढ़ के सुदूर और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए संचालित पीएम-जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के 18 जिलों में संचालित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक 1,25,051 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए ग्रामीणों को उनके गांव और घर के नजदीक चिकित्सा परामर्श, जांच, दवाइयां और जरूरत पड़ने पर अस्पताल रेफरल की सुविधा मिल रही है।कार्यक्रम के तहत अब तक 15,209 चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें 2,45,095 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जबकि 3,32,526 चिकित्सा परामर्श दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 2,94,560 नैदानिक जांचें की गईं और 1,28,596 फॉलो-अप रोगी रिकॉर्ड दर्ज किए गए। जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए 3,671 मामलों में अस्पताल रेफरल भी किया गया है।
गैर-संचारी रोगों की पहचान पर विशेष जोर
योजना के अंतर्गत गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए भी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके तहत 2,54,912 पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्ट और 2,17,889 रक्त जांचें की गई हैं। इन जांचों से संभावित बीमारियों की पहचान कर मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
गांवों तक पहुंच रही डॉक्टरों की टीम
मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और ड्राइवर की टीम तैनात रहती है। ये इकाइयां दूरस्थ गांवों और बसाहटों तक पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती हैं। इससे उन जनजातीय परिवारों को विशेष लाभ मिल रहा है, जिन्हें भौगोलिक कठिनाइयों और दूरी के कारण अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालन सहयोग से लागू यह पहल विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में अहम कदम है। कार्यक्रम का उद्देश्य अंतिम छोर तक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा नियमित जांच और फॉलो-अप के माध्यम से जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है।

