
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शेयर बाजार में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने की चाहत लोगों को साइबर ठगों के जाल में फंसा रही है। बिलासपुर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। सरकंडा में एक निजी कर्मचारी को ट्रेडिंग ऐप में लाखों रुपये का मुनाफा दिखाकर 7.20 लाख रुपये की चपत लगाई गई, जबकि तोरवा क्षेत्र में सीए फाइनल के एक विद्यार्थी को सेबी से रजिस्टर्ड ट्रेडिंग सेवा दिलाने का झांसा देकर 8 लाख रुपये ठग लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों घटनाओं में कुल 15.20 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोप है।
ऐप में दिखाया 19.85 लाख का बैलेंस, निकासी के समय रकम हो गई होल्ड
सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक विहार फेस-2, चांटीडीह निवासी 39 वर्षीय अश्वनी देवांगन निजी नौकरी करते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक 25 दिसंबर 2025 को श्रिया यादव नाम की महिला ने फोन कर ALGOINDIA.IN कंपनी के ऑनलाइन ट्रेडिंग कारोबार के बारे में बताया। महिला ने कम रकम निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उनके नाम से ALGO INDIA ऐप पर ट्रेडिंग आईडी बनाकर निवेश शुरू कराया गया।शिकायतकर्ता के अनुसार, महिला और उसके साथियों के बताए यूपीआई माध्यम से उन्होंने 25 दिसंबर 2025 से 13 मई 2026 के बीच 12 अलग-अलग किस्तों में कुल 7.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए। रकम जमा कराने के बाद ऐप में उनका ट्रेडिंग बैलेंस बढ़कर 19,85,816 रुपये दिखाई देने लगा। आरोप है कि जब उन्होंने मुनाफे समेत पूरी रकम निकालने की कोशिश की तो राशि होल्ड कर दी गई। उन्हें 15 दिन बाद सेटलमेंट होने का भरोसा दिया गया। लेकिन 15 दिन बाद भी रकम नहीं मिली। श्रिया यादव, राज श्रीवास्तव और राजवीर से संपर्क करने पर वे टालमटोल करने लगे। आरोप है कि उनके बताए कार्यालय के पते पर पहुंचने पर वहां कोई ऑफिस नहीं मिला। बाद में आरोपियों ने ट्रेडिंग बैलेंस शून्य होने की बात कहकर फोन काट दिया और मोबाइल बंद कर लिए। इसके बाद अश्वनी ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
सेबी रजिस्टर्ड बताकर CA छात्र को बेचा प्लेटिनम प्लान, 14 किस्तों में वसूले 8 लाख
दूसरा मामला तोरवा थाना क्षेत्र के देवरीखुर्द वार्ड क्रमांक 42 का है। यहां रहने वाले वुंगराला राव सीए फाइनल के विद्यार्थी हैं और ट्रेडिंग का काम भी करते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक 21 सितंबर 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताया। उसने अपनी कंपनी के माध्यम से ट्रेडिंग की सुविधा दिलाने का भरोसा दिया और सिल्वर, गोल्ड तथा प्लेटिनम प्लान की जानकारी दी। आरोपियों ने प्लेटिनम प्लान के लिए 8 लाख रुपये जमा करने को कहा। शिकायतकर्ता ने 22 सितंबर को पहली बार 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 20 अक्टूबर 2026 तक अलग-अलग 14 किस्तों में बताए गए मोबाइल नंबर पर कुल 8 लाख रुपये ऑनलाइन जमा करा दिए। रकम लेने के बाद भी उन्हें ट्रेडिंग की कोई सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। जब उन्होंने संबंधित मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 में शिकायत दर्ज कराई।
दोनों मामलों की जांच में जुटी पुलिस
दोनों शिकायतों के आधार पर सरकंडा और तोरवा पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब संबंधित मोबाइल नंबरों, यूपीआई आईडी और बैंक खातों के जरिए लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश से पहले कंपनी और उसके सेबी पंजीकरण की आधिकारिक पुष्टि करने की जरूरत है। महज ऐप पर दिखने वाला मुनाफा वास्तविक कमाई की गारंटी नहीं होता।