बिलासपुर

मच्छरों के आतंक से थर्राया बिलासपुर, कैसे करें मुकाबला, निगम का फागिंग मशीन ही है जब खराब

सत्याग्रह

बिलासपुर।दो दिन पहले ठंड कम क्या हुई अचानक मच्छरों का आतंक बढ़ गया। बिलासपुर शहर वैसे भी मच्छरों की वजह से कुख्यात रहा है । साल के अधिकांश महीनों में मच्छरों का आतंक रहता है ।गर्मी के एक-दो महीने ही मच्छरों से कुछ राहत मिलती है ।ठंड में वैसे भी मच्छरों का खासा प्रकोप रहता है, लेकिन इस बार फरवरी महीने में 6 तारीख को ठंड जरा कम क्या हुई अचानक लोगों ने महसूस किया कि उनके घरों में जैसे मच्छरों ने हमला सा कर दिया हो ।

।शहर के अधिकांश भागों में यही स्थिति नजर आई। खासकर हेमू नगर, शंकर नगर ,तोरवा, रेलवे कॉलोनी और सरकंडा क्षेत्र में लोग मच्छरों के आतंक से थर्रा उठे। गुरुवार को ही नगर निगम पार्षदों और आयुक्त के साथ बैठक के दौरान बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने इस और इशारा करते हुए कहा था कि बिलासपुर में लोग मच्छरों से परेशान हैं लेकिन निगम का स्वास्थ्य और सफाई अमला इस ओर से गाफिल है। किसी तरह की कोई कार्यवाही मच्छरों से निपटने नहीं की जा रही। ना तो नालियों की नियमित सफाई हो रही है और ना ही दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है । लाखों रुपए खर्च कर फागिंग मशीन मंगाए गए थे वह भी नगर निगम के गोदाम में पड़े पड़े जंग खा रहे हैं।

उन्होंने सफाई विभाग के प्रमुख डॉ ओंकार शर्मा को निर्देश देने की बात कही कि वे इस दिशा में तुरंत कार्यवाही आरंभ करें, लेकिन नगर निगम उनकी बातों को गंभीरता से ले रहे है ऐसा लगता नहीं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जब सत्याग्रह news.in ने महापौर से बातचीत कर यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर क्यों नगर निगम का स्वास्थ्य अमला वार्डों में मच्छरों से निपटने फागिंग मशीन का सहारा नहीं ले रहा तो उन्होंने हैरान करते हुए कहा कि फागिंग मशीन खराब पड़े जिन्हें जल्दी सुधार कर वार्डों में फागिंग करने का दावा उन्होंने किया । शहर में बड़े पैमाने पर नाली निर्माण तो किया गया है लेकिन अधिकांश जगहों में गहरे तक बना दी गई है इन नालियों में पुख्ता निकासी की व्यवस्था नहीं है, लिहाजा यह नालियां स्वाभाविक रूप से मच्छरों के प्रजनन केंद्र के रूप में तब्दील हो गए हैं ।खतरनाक मच्छरों के लार्वा इस में पल रहे हैं जो शाम होते ही लोगों के घरों पर अटैक करते हैं । बिलासपुर में ही मच्छरों से निपटने हर महीने लोग करोड़ों रुपए का मच्छर मार अगरबत्ती, लिक्विड ,कॉइल, क्रीम आदि इस्तेमाल करते हैं । जितने नए मकान बन रहे हैं सब में लोग जालियों से मकान को पूरी तरह मच्छरों से सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन फिर भी मच्छरों की संख्या ईतनी अधिक है कि ऐसे घर भी मच्छरों से बचबीनही पा रहे, लिहाजा जरूरी है कि इस मौसम में लगातार वार्डों में फागिंग की जाए। नालियों की नियमित सफाई हो, उसमें जला हुआ तेल और दवाइयां डाली जाए ,तभी मच्छरों की संख्या पर काबू पाया जा सकता है ,नहीं तो जल्द ही यह शहर उन महा मारियो की चपेट में होगा जो मच्छरों की वजह से फैलते हैं।

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