बिलासपुर

हसदेव नदी को अरपा से जोड़ने की योजना, भैसाझार पहुंचे जल संसाधन मंत्री ने बिलासपुर जल संकट खत्म करने का किया दावा

आलोक

शनिवार को जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे बिलासपुर पहुंचे। बिलासपुर से वे अरपा भैसाझार और खारंग सिंचाई परियोजना के निरीक्षण के लिए सड़क मार्ग से रवाना हुए। बिलासपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर रतनपुर कोटा मार्ग पर मौजूद अरपा भैसाझार परियोजना प्रदेश की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना की नींव साल 1978- 79 में तत्कालीन मध्य प्रदेश के सिंचाई मंत्री मनोहर पांडे द्वारा रखी गई थी लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से परियोजना मूर्त रूप नहीं ले पाई और धीरे-धीरे इसकी लागत भी बढ़ती चली गयी।

साल 2016 में 1140 करोड़ के परियोजना को भारतीय केंद्रीय जल आयोग द्वारा मंजूरी मिली ।जिसके बाद इसे युद्ध स्तर पर पूरा किया गया। अरपा भैसाझार परियोजना बैराज का काम पूरा हो चुका है और इस वर्ष इस की नहर लाइनिंग से भी पानी छोड़ कर जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

इस बैराज से 25 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई मुमकिन होगी, लेकिन शुरुआत में कोशिश की जा रही है कि इसी वर्ष करीब 10 हज़ार हेक्टेयर में नहरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए। इस वर्ष कम बारिश के चलते सिंचाई विभाग द्वारा एक एक बूंद पानी को बचाने की कोशिश की जा रही है। कोपरा स्थित बांध भी इन्हीं नहरो से भर दिया गया है, जिससे भविष्य में कोपरा के किसान कम बारिश की स्थिति में सिंचाई के लिए पानी हासिल कर पाएंगे ।वही रास्ते में पड़ने वाले सभी गांव के तालाबों को भी इससे भरने की योजना है। शनिवार को यहां अरपा भैसाझार परियोजना के निरीक्षण के लिए पहुंचे जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने परियोजना की बारीकी से जानकारी ली और मौजूदा संभावनाओं को भी तलाशा।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि अभी यह परियोजना पूरी तरह से मुकम्मल नहीं हुआ है लेकिन कोशिश की जा रही है कि पहले प्रयास में 10,000 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए। क्षेत्र के तालाबों को भी बैराज के पानी से भरने की कोशिश की जा रही है। जल के एक-एक बूंद के सदुपयोग का निर्देश विभाग ने दिया है। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी नदियों को जोड़ने की परियोजना पर काम चल रहा है और 5 जगहों पर इसके लिए प्रस्ताव भी पेश कर दिया गया है । अरपा नदी भले ही उस परियोजना का हिस्सा ना हो लेकिन कोशिश की जाएगी कि भविष्य में हसदेव् नदी में उपयोग होने के पश्चात बचे अतिरिक्त पानी को अरपा नदी तक लाया जाए, जिससे अरपा नदी सदानीरा रहे । जल संसाधन मंत्री ने भी माना कि परियोजना बरसों पुरानी जरूर है और कई कारणों से पिछड़ गई और फिलहाल भले ही इसका पूरा उपयोग संभव नहीं हो पा रहा है लेकिन भविष्य में अरपा भैसाझार परियोजना क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी। परियोजना के मुख्य नहर की लंबाई 56.64 किलोमीटर है। आरोप है कि इसमें कई स्थानों पर दरार आ चुकी हैं इसकी तकनीकी जांच कराने की बात भी जल संसाधन मंत्री ने की है । जब उनसे पूछा गया कि अरपा भैसाझार परियोजना के चलते अरपा का पानी बिलासपुर तक नहीं पहुंचेगा और बिलासपुर में जल संकट की स्थिति होगी तो रविंद्र चौबे ने जवाब देते हुए कहा कि यहां के नागरिकों से अधिक चिंता कांग्रेस सरकार को है और बिलासापुर के विधायक शैलेश पांडे भी लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। सरकार द्वारा तत्कालिक और दीर्घकालिक परियोजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिलासपुर को लगातार जलापूर्ति हो सके ।उन्होंने कहा कि थोड़े समय बाद बिलासपुर में जल संकट की समस्या पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी । इस वर्ष अरपा भैसाझार परियोजना में 302 मीटर पानी भरने का लक्ष्य रखा गया है । इस बैराज में कुल आठ गेट है और बैराज की लंबाई 147 मीटर के करीब है । अरपा भैसाझार बैराज परियोजना से सिंचाई और निस्तारी के लिए पानी देने के बाद अगर पर्याप्त पानी शेष रहता है तो गर्मी के मौसम में भी यहां से अरपा नदी में पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे पहली बार गर्मी के मौसम में भी अरपा नदी में पानी की धार रहेगी और यहां भूजल स्रोत बढ़ेगा। क्षेत्र का यह महत्वाकांक्षी परियोजना मूर्त रूप ले चुका है। हालांकि इसका कुछ काम अभी शेष है जिसके पूरा होने के बाद पूरे 25,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई मुमकिन हो पाएगी ,लेकिन क्या अरपा भैसाझार परियोजना का लाभ बिलासपुर की सूखी अर्पा को भी हासिल होगा ? इसके लिए इंतजार करना होगा। भले ही जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने यह सपना दिखाया हो लेकिन सच्चाई के लिए कम से कम गर्मी के मौसम का तो इंतजार करना ही होगा । वैसे परियोजना का मूल मकसद किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराना है। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है तो जाहिर तौर पर एक बड़े हिस्से में खुशहाली मुमकिन होगी।

error: Content is protected !!
Letest
बिजली विभाग की घोर लापरवाही का खौफनाक अंजाम! झूलते तार से किसान की मौत, गांव में उबाल, कार्रवाई की म... बिलासपुर:- मिट्टी को आकार देते-देते बुझ गई जिंदगी... इलेक्ट्रिक चाक में करंट उतरने से कुम्हार की दर्... बिलासपुर सेंट्रल जेल में बड़ा हादसा: डबल मर्डर के सजायाफ्ता कैदी ने गैसीफायर भट्ठी में कूदकर दी जान,... फेसबुक पर दोस्ती, फिर करोड़ों के मुनाफे का झांसा... वकील से 47.60 लाख की साइबर ठगी, सरकंडा थाने में ... ट्रेन में ऐसे उड़ाते थे लाखों के जेवर... 'पेपर गैंग' के 6 शातिर चढ़े आरपीएफ-जीआरपी के हत्थे, 2.74 ला... VIDEO रतनपुर:- इंस्टाग्राम रील ने पहुंचाया सलाखों तक! अदरौली पकड़ने का वीडियो वायरल, साइबर ट्रेसिंग ... सर्व राजपूत क्षत्रिय समाज कोटा की नई कार्यकारिणी घोषित, ठाकुर प्रेम सोमवंशी बने अध्यक्ष, समाज हित और... 20 महीने से न किराया, न ट्रक... 44 लाख बकाया, कारोबारी की शिकायत पर मामला दर्ज बिलासपुर:- राह चलते युवक को लिफ्ट देना पड़ा महंगा... कॉलेज जा रहे छात्र से मारपीट कर बाइक, मोबाइल और... रतनपुर :- घर में सो रही 9 साल की मासूम पर काल बनकर टूटा करैत, डसने से थम गई सांसे, चीख-पुकार के बीच ...