छत्तीसगढ़बिलासपुर

विवादित परिसीमन के बाद लगातार दर्ज हो रही आपत्ति, कांग्रेस नेता ने इसे बताया साजिश

फिलहाल निर्णय लोकसभा चुनाव के बाद ही लिए जायेंगे।यानि तब तक यह विवाद यूं ही जारी रहेगा

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य

नगर निगम चुनाव से पहले बिलासपुर के वार्डों का परिसीमन किया जाना है। पहले बिलासपुर में 55 वार्ड हुआ करते थे, बाद में रेलवे क्षेत्र को शामिल करते हुए वार्डों की संख्या 66 कर दी गई, लेकिन इन 66 वार्डो में जनसंख्या और क्षेत्रफल को लेकर भारी विरोधाभास है। कुछ वार्डो का आकार जरूरत से बड़ा है तो कहीं आबादी अधिक है। जिसे देखते हुए एक बार फिर परिसीमन करने की बात कही जा रही थी। उम्मीद की जा रही थी कि संतुलन के लिए वार्डो की संख्ता का विस्तार किया जाएगा और कम से कम 70 वार्ड बनेंगे ,लेकिन गुरुवार को अचानक परिसीमन की घोषणा करते हुए नगर निगम में नया नक्शा चस्पा कर दिया गया। इसमें वार्डों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। बल्कि पुराने वार्डो को ही छोटा या बड़ा कर कुछ वार्डों के नाम बदल दिए गए हैं । नियम अनुसार एक वार्ड में 5000 मतदाताओं की संख्या होनी चाहिए। इसलिए जिन वार्डों में मतदाताओं की संख्या अधिक थी उन वार्डों को छोटा कर वार्ड का दूसरा हिस्सा अन्य वार्ड में शामिल कर लिया गया है। कुल मिलाकर इस बार भी वार्डों की संख्या 66 ही है लेकिन कई वार्डों के नाम बदल दिए गए हैं । वहीं वार्डो का कुछ हिस्सा काट कर दूसरे वार्ड में शामिल कर दिया गया है । इससे जनप्रतिनिधियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। रेलवे परिक्षेत्र स्थित आरटीएस कॉलोनी वार्ड को बिलासा नगर वार्ड का नाम दिया गया है। वार्ड क्रमांक 3 का नया नाम अरपांचल नगर है। इसी तरह वार्ड क्रमांक 23 शहीद अशफाक उल्ला वार्ड को अब वार्ड क्रमांक 25 सदर बाजार वार्ड में परिवर्तित कर दिया गया है । हालांकि वार्डों के विभाजन के बाद दावा आपत्ति मंगाई गई है लेकिन जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि परिसीमन के लिए ना तो कोई सर्वे किया गया और नहीं जनप्रतिनिधियों से किसी तरह की चर्चा की गई ।सब को धोखे में रखकर अचानक जिस तरह परिसीमन का नया नक्शा जारी कर दिया गया है उससे जनप्रतिनिधियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है । कई जनप्रतिनिधियों ने सुनवाई ना होने पर कोर्ट में मामले को चुनौती देने की चेतावनी भी दी है। कांग्रेस के शहर सचिव मोहम्मद फराज खान ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि वार्ड का नाम बदल दिए जाने से शहीद अशफाक उल्ला खान का अपमान हुआ है । वहीं राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज धारकों के लिए भी वार्ड परिवर्तन मुसीबत का सबब बनेगा, इसलिए उन्होंने पुनर्विचार करने और वार्ड को यथावत रखने की मांग की है। जाहिर है वार्डों का परिसीमन अभी से विवादों में घिर चुका है। फिलहाल निर्णय लोकसभा चुनाव के बाद ही लिए जायेंगे।यानि तब तक यह विवाद यूं ही जारी रहेगा।

error: Content is protected !!
Letest
पचपेड़ी:- सड़क हादसे की खबर सुन दौड़े भाई, बने लुटेरों का शिकार, बीच रास्ते घेरकर की मारपीट, नकदी और... वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किराएदार युवती से दुष्कर्म, आरोपी मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज छत्तीसगढ़ में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल...24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई एसपी बदले, कलेक्टर संजय अग्रवाल का बिलासपुर और सकरी तहसीलों का औचक निरीक्षण... लंबित राजस्व प्रकरणों पर दिखाई स... "छठी कार्यक्रम बना मौत का मैदान... शराब विवाद में युवक को पीट-पीटकर मार डाला, 60 मीटर तक घसीटा, तीन ... फिर एक बड़ी चूक: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 5 लोग गंभीर रूप से झुलसे..नगर निगम द्वारा कराया जा... ठगी का नया पैतरा... अश्लील वीडियो और एफआईआर का डर दिखाकर शिक्षिका से 76,500 की साइबर ठगी, घर में घुसकर मारपीट करने वाला आदतन बदमाश चंद घंटों में गिरफ्तार...सिटी कोतवाली पुलिस ने की कार्रवाई, पचपेड़ी: शादी की तैयारी मातम में बदली... टीवी खरीदने जा रहे स्कूटी सवारों को हाइवा ने मारी टक्कर, 1 क... कोटा:- एक चूक और खत्म हुई जिंदगी: 25 फीट गहरे पानी वाले कुएं में गिरकर युवक की मौत