
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले के कोटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलगहना चौकी के ग्राम कसईबहरा में छठी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। कार्यक्रम में शराब पीकर पहुंचने को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर उसे सड़क पर घसीटते हुए घर के पास छोड़ दिया गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार 8 जुलाई की रात डायल-112 के माध्यम से अमर सिंह पेन्द्रो की मौत की सूचना मिली। सूचना पर बेलगहना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि 7 जुलाई की शाम अमर सिंह अपने पड़ोसी मोतीलाल पोर्ते के घर आयोजित छठी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। इसी दौरान रोहित पोर्ते 30 वर्ष, दीपक पोर्ते 23 वर्ष और प्रदीप वाकरे 21 वर्ष ने अमर सिंह से कार्यक्रम छोड़कर जाने को कहा। आरोप है कि बात नहीं मानने पर तीनों ने एकराय होकर अमर सिंह की लात-घूंसों और मुक्कों से जमकर पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी चन्द्रकली की भी आरोपियों ने नहीं सुनी। पुलिस के मुताबिक देर रात आरोपी दोबारा पहुंचे और अमर सिंह को कार्यक्रम स्थल से करीब 60-65 मीटर तक सीसी रोड पर घसीटते हुए उसके घर के पास छोड़ दिया। मारपीट से उसके कुल्हे, कमर और पैरों में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। घर पहुंचने के बाद अमर सिंह ने पत्नी और बच्चों को घटना की जानकारी दी और आराम करने चला गया। रात में भोजन के लिए जगाने पर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। परिजनों ने देखा कि उसकी मौत हो चुकी थी।
मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस ने जांच तेज की। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना स्वीकार कर ली। साक्ष्यों, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, जब्ती और पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धारा 103(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर 10 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।