
रमेश राजपूत
बिलासपुर – कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को बिलासपुर एवं सकरी तहसीलों का औचक निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की प्रगति, अभिलेखों के संधारण और लंबित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को राजस्व मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। कलेक्टर ने विभिन्न राजस्व प्रकरणों की फाइलों का अवलोकन कर उनके निराकरण की गुणवत्ता का परीक्षण किया।

उन्होंने विशेष रूप से एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों में नियमित रूप से पेशियां निर्धारित कर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में मामलों के अनावश्यक लंबित रहने से आम लोगों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नक्शा बटांकन एवं सीमांकन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में देरी होने से भूमि संबंधी विवाद बढ़ते हैं और शासकीय योजनाओं सहित अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित होते हैं। इसलिए सभी लंबित मामलों का तेजी से निराकरण किया जाए। श्री अग्रवाल ने तहसीलों में रखे जाने वाले राजस्व अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी अभिलेख सुरक्षित, अद्यतन और व्यवस्थित होने चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहुंचे पक्षकारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिवक्ताओं से भी चर्चा कर राजस्व न्यायालयों में मामलों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए सुझाव प्राप्त किए। इस दौरान अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं तहसील का अमला उपस्थित रहा।