
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दिनों के विशेष अभियान में 5 हाइवा और 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कुल 9 वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खनिज विभाग ने 6 से 8 जून तक सरकंडा, सीपत, करगी, कोटा, पोड़ी, कोनी और मंगला क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से रेत और चूनापत्थर का उत्खनन एवं परिवहन करते पाए गए वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना क्षेत्रों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।

खनिज विभाग के अनुसार करगी क्षेत्र में रेत परिवहन करते एक हाइवा, कोनी और सरकंडा क्षेत्र में चूनापत्थर परिवहन करते तीन हाइवा तथा सीपत क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते एक हाइवा पर कार्रवाई की गई। वहीं मंगला के शिवघाट बैराज से अवैध रेत उत्खनन करते दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और पोड़ी क्षेत्र में रेत परिवहन करते दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गईं।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और खनिज, राजस्व तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम निगरानी बनाए हुए है। हालांकि इस कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है। जब्त वाहनों की जानकारी सार्वजनिक की गई है, लेकिन उनके मालिकों और संचालनकर्ताओं के नाम सामने नहीं लाए गए हैं।

विशेषज्ञों और आम नागरिकों का मानना है कि केवल वाहन जब्त करने से अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगेगा। खनिज विभाग को जब्त वाहनों के मालिकों, परिवहनकर्ताओं और अवैध खनन से जुड़े लोगों के नाम भी सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि खनिज माफियाओं का असली चेहरा जनता के सामने आ सके। पारदर्शिता बढ़ने से न केवल अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी, बल्कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सामाजिक और कानूनी जवाबदेही भी तय हो सकेगी।