
उदय सिंह
तखतपुर– नगर के प्रसिद्ध गणेश कॉफी होटल में शुक्रवार – शनिवार की दरम्यानी रात को अचानक भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के सामने सभी प्रयास नाकाम साबित हुए।प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। इस हादसे में होटल के भीतर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जल गया। वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया कारोबार कुछ ही देर में राख के ढेर में बदल गया।घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी तब पहुंची, जब आग लगभग सब कुछ तबाह कर चुकी थी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि तखतपुर में स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था होती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर में फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक यह घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी। इस घटना के बाद एक बार फिर नगर में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता का खामियाजा आम नागरिकों को बार-बार भुगतना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब फायर ब्रिगेड की अनुपलब्धता के कारण भारी नुकसान हुआ हो। हर बड़ी आगजनी के बाद आश्वासन तो मिलते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज भी नहीं हो सका है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि केवल बयानबाजी तक सीमित रहेंगे, या फिर तखतपुर को स्थायी फायर ब्रिगेड की बहुप्रतीक्षित सुविधा भी मिलेगी।