बिलासपुर

1700 करोड़ रुपए बकाया से लेकर धान की अतिरिक्त तौल तक… किसानों का फूटा आक्रोश, 33 जिलों में निकली ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’

रमेश राजपूत

बिलासपुर – किसानों की वर्षों से लंबित मांगों और सरकार की नीतियों के विरोध में भारतीय किसान संघ के आह्वान पर गुरुवार को प्रदेश के सभी 33 जिलों में किसान सड़कों पर उतर आए। जिला मुख्यालयों में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ निकाली और मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। बिलासपुर में भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ आंदोलन में शामिल हुए। किसानों ने दो टूक कहा कि अब केवल आश्वासन स्वीकार नहीं किए जाएंगे,

सरकार को उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेकर समय-सीमा बतानी होगी।भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसान लगातार मेहनत कर प्रदेश के अन्न भंडार को भर रहा है, लेकिन अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए उसे बकाया भुगतान, खाद की किल्लत, धान खरीदी में अतिरिक्त तौल, सिंचाई संकट और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। संघ ने 2022-23 की धान खरीदी की करीब 1700 करोड़ रुपए की लंबित राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की। संघ ने धान के लिए 3358 रुपए प्रति क्विंटल की मांग पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है।

इसके साथ ही धान के अलावा अन्य फसल लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपए प्रति एकड़ का लाभ देने की मांग की गई। धान खरीदी में प्रति तौल 40 किलो 700 ग्राम से अधिक वजन नहीं लेने और टोकन व्यवस्था में छोटे व सीमांत किसानों को पूरी उपज बेचने का अवसर देने की मांग भी उठाई गई। गन्ना किसानों के लिए 150 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि/बोनस, गन्ने को कृषक उन्नति योजना से जोड़ने और समय पर भुगतान की मांग की गई। किसानों ने खाद की कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की। हाल की बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने तथा वर्षों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की मांग भी आंदोलन में प्रमुखता से उठी।

संघ ने अरपा-भैंसाझार सहित लंबित सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संघ ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जायज मांग उठा रहा है, लेकिन अब केवल आश्वासन के भरोसे पीछे हटने वाला नहीं है। बिलासपुर में प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर, प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दिघ्रस्कर, जिलाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद साहू, उपाध्यक्ष राजू सिंह, माखन श्रीवास, मंत्री राजेंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, जिला महिला प्रमुख अनिता पटेल सहित जिला समिति के सदस्य, सभी तहसीलों के अध्यक्ष-मंत्री, मातृशक्ति कुमारी कौशिक, दीपिका लाल, शिवकुमार यादव समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष किसान मौजूद रहे।

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