
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत सेंदरी की 4 एकड़ से अधिक जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि जमीन का पक्का अनुबंध होने और 21 लाख रुपये की अग्रिम राशि लिए जाने के बावजूद, पूर्व अनुबंध की जानकारी छिपाकर उसी जमीन को दूसरे लोगों को बेचने की कोशिश की जा रही है। मामला न्यायालय में लंबित होने के बीच प्रार्थी पक्ष ने आम सूचना प्रकाशित कर संभावित खरीदारों को आगाह किया है। मामला सेंदरी मुख्य मार्ग से भीतर स्थित पटवारी हल्का नंबर 16 की जमीन से जुड़ा है। इसमें खसरा नंबर 1204 समेत कुल 10 खसरा नंबरों की 4 एकड़ से अधिक भूमि शामिल है। बताया गया है कि उक्त जमीन पूर्व में स्वर्गीय अशोक भीमनानी के स्वामित्व एवं आधिपत्य में थी।
इस जमीन की खरीदी के लिए स्वर्गीय मनोज अग्रवाल के साथ पक्का अनुबंध किया गया था, जिसके तहत तीन किस्तों में 10,7 और 4 लाख कुल 21 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए जाने की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में संबंधित भूमि अशोक भीमनानी के वारिसान और लता कुंगवानी के नाम पर दर्ज है। प्रार्थी पक्ष का आरोप है कि पूर्व में हुए अनुबंध और अग्रिम भुगतान की जानकारी सामने लाए बिना जमीन को अन्य व्यक्तियों के हाथों बेचने की कोशिश की जा रही है। इसी आशंका को देखते हुए जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े लोगों को सतर्क करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गई है।
न्यायालय में लंबित मामला, खरीदारों को सतर्क रहने की सलाह
इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यह है कि जब जमीन को लेकर पूर्व अनुबंध और अग्रिम भुगतान का दावा किया जा रहा है, तो उसके बाद की प्रस्तावित बिक्री की स्थिति क्या है? प्रार्थी पक्ष ने संभावित खरीदारों को विवाद की जानकारी लेकर ही कोई कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल जमीन के स्वामित्व, अनुबंध और प्रस्तावित बिक्री से जुड़े विवाद का न्यायालय में लंबित होना इस मामले को और गंभीर बनाता है।
